कंप्यूटर मेमोरी क्या हैं? 3 Type of Computer Memory in Hindi

मेमोरी के बारे में आपने कई बार सुना या देखा होगा, शायद आपने अपने दिनचर्या में मेमोरी का इस्तेमाल भी किया होगा। क्योंकि आजकल तो हर कोई स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते है और उसमे भी मेमोरी लगे होते है। और जहा तक की बात है। 

जब आप नया फोन खरीदने जाते है तो आप जरूर पूछते होंगे कि कितना gb RAM है, और शायद आपने तो sd कार्ड का भी इस्तेमाल किया होगा, ये भी एक मेमोरी का ही हिस्सा है। लेकिन क्या आपको पता है कंप्यूटर मेमोरी क्या है? Memory in Hindi? इसका क्या उपयोग है? मेमोरी कितने प्रकार के होते है? आज हम इस आर्टिकल में कंप्यूटर के different मेमोरी के बारे में जानने वाले है।

 

Computer Memory क्या हैं

Memory मानव मस्तिष्क (human brain) के जैसा होता है। जिस तरह human का ब्रेन डेटा या सूचना  को स्टोर कर के रखता है ठीक उसी तरह कंप्यूटर मेमोरी भी डेटा को या information को स्टोर कर रखता है।  इसका उपयोग डेटा (data) और निर्देशों (instruction) को संग्रहीत (store) करने के लिए किया जाता है। 

 

Memory, computer में एक storage device होती है। जहाँ पर डेटा को process किया जाता है तथा प्रोसेसिंग के दौरान आवश्यक निर्देश (instruction) और डेटा (data) स्टोर किए जाते  है। Memory के बहुत बड़ी संख्या को छोटे छोटे भागों में बांटा गया है जिन्हें कोशिका (cells) कहते है।

प्रत्येक स्थान या सेल का एक विशेष पता (unique address) होता है जो 0 से लेकर मेमोरी साइज -1 तक होता है।  उदाहरण – यदि कंप्यूटर में 32k शब्द (words) हैं, तो इस मेमोरी  यूनिट में 32* 1024 = 32768 मेमोरी स्थान होगी। इन स्थानों का पता 0 से 32768 तक होता है।

कंप्यूटर मेमोरी मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते है – types of computer memory in hindi

  • Cache Memory

  • Primary Memory/Main Memory

  • Secondary Memory

Cache Memory

कैश मेमोरी एक विशेष उच्च गति वाली मेमोरी है। इसका उपयोग उच्च गति के सीपीयू के साथ गति और सिंक्रनाइज़ करने के लिए किया जाता है।

कैश मेमोरी एक बहुत तेज मेमोरी है जो रैम और सीपीयू के बीच बफर के रूप में कार्य करता है। इसका उपयोग डेटा और प्रोग्राम के उन हिस्सों को रखने के लिए किया जाता है जो सीपीयू द्वारा सबसे अधिक बार उपयोग किए जाते हैं। ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा डेटा और प्रोग्राम के हिस्सों को डिस्क से कैश मेमोरी में स्थानांतरित (transferred) किया जाता है, जहां से सीपीयू उन्हें एक्सेस कर सकता है।

 Cache memory आकार में बहुत छोटी होती है। लेकिन इसकी तीव्रता main memory (RAM) से काफी स्पीड होती है। यह एक तरह का high speed memory है। इसका अधिकतर उपयोग search engine के डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है।

जिस डेटा को सबसे ज्यादा सर्च किया जाता है उस डेटा को cache memory स्टोर कर लेता है। और दोबारा उस डेटा से रिलेटेड कोई भी डेटा search करने पर यह तुरंत उस डेटा को दिखा देता है। इसका उपयोग हाई-स्पीड सीपीयू के साथ सिंक्रनाइज़ (synchronize) करने और इसके प्रदर्शन (performance) को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है।

 Cache memory को सीपीयू द्वारा access किया जाता है। यह सीपीयू के बाहर main memory का आरक्षित (reserved) हिस्सा होता है। यह उन डेटा और प्रोग्राम्स को स्टोर करता है जिसका इस्तेमाल cpu में  बार – बार किया जाता है।  

 

जब भी CPU को इस डेटा की  जरूरत होती है, तो डेटा CPU के लिए तुरंत उपलब्ध है। आसान शब्दों में कहा जाए, यदि सीपीयू कैश मेमोरी में आवश्यक डेटा या निर्देश (instruction) पाता है, तो उसे primary memory (रैम) तक पहुंचने की आवश्यकता नहीं है। इस प्रकार, रैम और सीपीयू के बीच बफर के रूप में कार्य करके, यह सिस्टम performance को गति देता है।

Primary Memory/Main Memory

Main Memory दो प्रकार की होती है

  • RAM (Volatile Memory)

  • ROM (Non-volatile Memory)

RAM (Volatile Memory)

RAM को Random Access Memory के नाम से जाना जाता है। यह  सीपीयू की internal या main मेमोरी होती है जो डेटा, प्रोग्राम और प्रोग्राम रिजल्ट को स्टोर करने के लिए होता है। यह एक रीड / राइट मेमोरी है, इस मेमोरी के डेटा को read, write दोनों ही किया जाता है।

यह किसी भी डेटा को अस्थाई रूप (temporary) से स्टोर करता है। यह मेमोरी डेटा को तब तक स्टोर रखता है जब तक कंप्यूटर में कार्य होता है। यह मेमोरी किसी भी प्रोग्राम या सॉफ्टवेयर को running space प्रदान करता है। RAM computer के motherboard में स्थित होता है। 

जब किसी भी सॉफ्टवेयर या प्रोग्राम को run किया जाता है तो उस समय डेटा automatic RAM में चला जाता है। मशीन के काम करने तक डेटा को स्टोर करता है। जैसे ही मशीन को स्विच ऑफ किया जाता है, डेटा automatic remove हो जाते है। 

एक कंप्यूटर में जितनी ज्यादा RAM होगी कंप्यूटर का performance उतना ही अच्छा होगा। हम RAM की मदद से एक कंप्यूटर में multiple कार्य कर सकते है।

 

RAM  volatile memory है, अर्थात इसमें संग्रहीत डेटा तब खो जाता है जब हम कंप्यूटर को बंद कर देते हैं या फिर electricity चली जाती है। इसलिए, अक्सर कंप्यूटर के साथ एक बैकअप Uninterruptible Power System (ups) का उपयोग किया जाता है।

 

ROM (non-volatile)

ROM का पूरा नाम Read Only Memory है। यह वह मेमोरी होती है जिसमें केवल डेटा को पढ़ (read) कर सकते हैं यह मेमोरी डेटा को write नहीं करता है।  यह non-volatile मेमोरी होता है। यह रैंडम एक्सेस मेमोरी (RAM) के साथ कंप्यूटर की प्राथमिक मेमोरी यूनिट भी है।

इसे read only memory इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें संग्रहित डेटा को केवल read कर सकते है, लेकिन इस मेमोरी के डेटा या प्रोग्राम को  write नहीं कर सकते है। इस मेमोरी में डेटा permanent store होते है। ROM में कोई भी प्रोग्राम पहले से स्टोर होता है। जिसे केवल पढ़ा जा सकता है। इसमें स्टोर प्रोग्राम या डेटा को remove नहीं किया जा सकता है।  इस मेमोरी में डेटा स्थायी( permanent ) रूप से store होते है।

 

ROM का उपयोग फर्मवेयर को स्टोर करने के लिए भी किया जाता है, जो एक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम है जो हार्डवेयर से जुड़ा रहता है या कीबोर्ड, हार्ड ड्राइव, वीडियो कार्ड आदि जैसे हार्डवेयर डिवाइस पर प्रोग्राम किया जाता है। इसे हार्डवेयर डिवाइस के फ्लैश रोम में संग्रहीत किया जाता है। यह अन्य उपकरणों के साथ interact करने और बातचीत करने के लिए डिवाइस को निर्देश प्रदान करता है

Secondary Memory

 

1) Hard Disk:

यह एक कठोर चुम्बकीय डिस्क है जिसका उपयोग डेटा स्टोर करने के लिए किया जाता है। यह स्थायी (permanently)  रूप से डेटा संग्रहीत करता है और ये  drive unit के भीतर स्थित होता है।क्योंकि यह एक non-volatile storage डिवाइस है। हार्ड डिस्क कंप्यूटर की मदरबोर्ड पर एक drive unit के भीतर स्थित होती है और इसमें एक या एक से अधिक प्लेटर्स होते हैं जो air-sealed casing में पैक होते हैं।

Solid-state Drive:

SSD को  (Solid State Drive) के नाम से जाना जाता है। एक non-volatile storage डिवाइस है जो डेटा को रखने और उपयोग करने के लिए उपयोग किया जाता है। एक हार्ड ड्राइव के विपरीत, इसमें moving component नहीं होते हैं, इसलिए यह बहुत तेजी से डेटा को स्टोर करता है, यह Solid State Drive expensive होता है। और आजकल सबसे ज्यादा कंप्यूटर में ssd ड्राइव ही उसे किए जाते है। 

Pen drive:

पेन ड्राइव एक कॉम्पैक्ट सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस है। इसे USB फ्लैश ड्राइव, थंब ड्राइव या जंप ड्राइव के रूप में भी जाना जाता है। यह एक USB पोर्ट के जरिए कंप्यूटर से कनेक्ट किया जाता  है। यह आमतौर पर कंप्यूटर के बीच डेटा को संग्रहीत करने और transfer करने के लिए उपयोग किया जाता है। उदाहरण से हम समझते है, यदि आप किसी भी डेटा जो बहुत ज्यादा important है उसे permanently stored कर रखना चाहते है तो आप उस डेटा को कॉपी कर pen drive में paste कर सकते है। और फिर जरूरत होने पर उस डेटा को use कर सकते है। Pen drive एक portable device है, जिसे आप कभी भी कहीं भी ले जा सकते है। 

 

SD Card:

SD Card का मतलब Secure Digital Card है। यह एक तरह का पोर्टेबल कार्ड है जिसे  मोबाइल उपकरणों (device) जैसे स्मार्टफोन और डिजिटल कैमरों में उपयोग किया जाता है। आप इसे अपने डिवाइस से हटा भी सकते हैं और कार्ड रीडर के साथ कंप्यूटर का उपयोग करके इसमें संग्रहित चीजों को देख सकते हैं।

 

Register Memory in hindi

 

Register memory कंप्यूटर में सबसे छोटी और सबसे तेज मेमोरी होती है। यह मुख्य मेमोरी का हिस्सा नहीं है और CPU में रजिस्टरों के रूप में स्थित है, जो डेटा रखने वाले सबसे छोटे element हैं।एक रजिस्टर अस्थायी रूप से अक्सर उपयोग किए जाने वाले डेटा, निर्देशों और मेमोरी पते को धारण करता है जो सीपीयू द्वारा उपयोग किए जाने हैं। वे निर्देश देते हैं जो वर्तमान में सीपीयू द्वारा संसाधित होते हैं। संसाधित होने से पहले सभी डेटा को रजिस्टरों से गुजरना आवश्यक है। इसलिए, उपयोगकर्ताओं द्वारा दर्ज किए गए डेटा को संसाधित करने के लिए वे सीपीयू द्वारा उपयोग किए जाते हैं।

 

Memory units  का उपयोग डेटा को मापने और प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाता है

 

1 Kilobyte (KB)

1 KB = 1024 Bytes

2 Megabyte (MB)

1 MB = 1024 KB

3 GigaByte (GB)

1 GB = 1024 MB

4 TeraByte (TB)

1 TB = 1024 GB

5 PetaByte (PB)

1 PB = 1024 TB

 

 

 

 

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