HTML क्या है? HTML का Full फॉर्म क्या है और HTML5 in hindi

html क्या है ? HTML एक markup language है। जो किसी browser जैसे (google chrome, opera mini, Yahoo, bing) में web document को प्रदर्शित (displayed) करने के लिए बनाया गया है। 

क्या आपको पता है कि आज हम इस internet और technology की बढ़ती दुनिया में हम कितने सारे information की खोज करने के लिए सीधा google में जाते है और अपने सारे question के answer को search करते और हमें चुटकियों में उसके जवाब मिल भी जाते है।

लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर ये जो information है जिसे आपने search किया है वो कैसे प्राप्त हुआ। जाहिर सी बात है कि इसे किसी के द्वारा जरूर लिखा गया होगा। लेकिन बात आती है आखिर इसे किस भाषा में और कहां पर लिखा गया है। तो मै आपको बता दूं कि इसे एक notepad में लिखा गया है HTML के द्वारा।

अगर आप html सीखने की चाहत रखते है और उसे ढूंढते हुए यहां पर आए है तो आप बिल्कुल सही post पर visit किए है। मै इस पोस्ट में html के बारे में पूरे विस्तार से बताने वाली हूं। Introduction of Html. HTML क्या है। इसे एक markup language क्यों कहा जाता है, html इतना ज्यादा क्यों जरूरी है, html कैसे सीख सकते है, html सीखने के क्या फायदे है। Html की खोज किसने और कब किया।

 

Table of Content

 

  • Html एक standard markup language है। 
  • इसे एक Markup Language भी कहा जाता है। 
  • HTML को सन् 1980 में Tim Berners-Lee के द्वारा विकसित किया गया था। 
  • यह एक web document को लिखने के लिए बनाया गया था।
  • Html element browser में content को प्रदर्शित करने का तरीका बताती है। 

html क्या है  What is html in Hindi. 

HTML (एचटीएमएल) Web Browser में प्रदर्शित किए जाने वाले दस्तावेज़ों (document) के लिए मानक मार्कअप language है। किसी भी html page के लिए मूल building, block html तत्व है। Html बहुत सारे तत्वों (element) का संग्रह होता है जैसे – heading, paragraph, link इत्यादि। जिसे tag(<>, </>) से दर्शाया जाता है। 

किसी भी वेब डॉक्यूमेंट (content) बनाने के लिए उसे element के बीच में लिखना होता है। एक web page को बेहतर रंग रूप देने के लिए css का भी इस्तेमाल किया जाता है। यह javascript जैसी scripting language में लिखे गए प्रोग्राम को embed कर सकता है। Html में सारे element के मुख्यतः दो tag होते है। Opening tag और closing tag. 

Html element जैसे <h1> heading को दर्शाती है।

 

Starting tag Element content Ending tag
<h1> My First Heading </h1>
<p> My first paragraph. </p>

 

Full form of HTML in hindi

 

HTML का पूरा नाम Hypertext Markup Language है। चूंकि इसे एक markup Language भी कहा जाता है। 

लेकिन आपके मन में ये सवाल जरूर आ रहा होगा आखिर इसे एक markup language क्यों कहा जाता है? आइए html के बारे में एक – एक कर के विस्तार से जानते है –

 

Hypertext

Hypertext वह text होता है जो एक पेज को दूसरे पेज से जोड़े (connect) रहता है। जिससे हमें किसी text से related और additional  information प्राप्त होता है। 

कोई भी ऐसा link जो hypertext से कनेक्ट हो तो उसे hyperlink कहा जाता है। 

एक साधारण text को hypertext करने के लिए <a> tag का use होता है।

 

मै आपको एक उदाहरण से समझती हूं।

 

 

निर्देश: 

 

जैसे आप  देख पा रहे है कि यहां एक text (cpu Kya hai) है जो blue color का दिखाई दे रहा है। 

 

आप सबसे पहले इस text पर क्लिक कीजिए।

आपके क्लिक करने पर एक नया पेज open हो गया। 

और आप देख पा रहे होंगे कि, cpu Kya hai उससे related आपको एक अलग ही additional information प्राप्त हुआ।

अगर मै सीधी भाषा में बोलूं तो कोई एक ऐसा text जिससे related हमे उसकी additional information प्राप्त हो। Hypertext कहलाता है। 

 

अब आपको पता चल गया होगा कि hypertext क्या है। 

 

Markup

कोई भी text अपने आप में एक साधारण text होता है। लेकिन इंटरनेट में किसी भी text को एक web page या वेब document बनाने के लिए हमें mark करना पड़ता है  और उसे अलग रंग रूप देना पड़ता है।

उदहारण:

  1. <h1>This is heading</h1>

         This is heading

  1. <b>This is bold</b>

            This is bold 

 

निर्देश: 

आप जैसे देख रहे है कि यहां पर दो उदाहरण दिए गए है। जिसमे h1 का मतलब होता है किसी sentence को heading देना और b का मतलब है किसी text को bold करना।  ऐसे बहुत सारे element है जिससे हम किसी भी text को इस element की मदद से चिन्हित(mark) कर सकते है। अब आपको समझ में आ ही गया होगा कि markup का मतलब क्या है।

 

Language

 

किसी भी text को लिखने के लिए भाषा की जरूरत होती है जैसे हिंदी, इंग्लिश etc. वैसे ही web browser में किसी document को प्रदर्शित करने के लिए हमें content को एक structure में लिखना होता है। और हम उस कंटेंट को html की सहायता से एक syntax की format में लिखते है और यह case sensitive नहीं होता है। इसलिए इसे एक भाषा कहते है।

 

Structure of Html

 

<!DOCTYPE html>

<html>

<head>

         <title>Page Title</title>

</head>

<body>

 

<h1>My First Heading</h1>

<p>My first paragraph.</p>

 

</body>

</html>

 

Syntax 

 

<element> content goes here </element>

 

Headings  

Html heading web page में सबसे अहम हिस्सा है। Html heading एक title या subtitle है जिसे हम वेब ब्राउज़र में प्रदर्शित करना चाहते है।  Html heading को‌ h1 to h6 tag से परिभाषित किया गया है। H1 heading  सबसे महत्वपूर्ण title को परिभाषित करता है और h6 heading सबसे कम से कम (छोटा) title को परिभाषित करता है।

<h1>Heading 1 </h1>

<h2>Heading 2 </h2>

<h3>Heading 3 </h3>

<h4>Heading 4 </h4>

<h5>Headingb5 </h5>

<h6> Heading 6 </h6>

 

Heading 1

Heading 2

Heading 3

Heading 4

Heading 5

Heading 6

 

Notice: Search engine, web browser की वेब pages के content और structure को index करने के लिए html headings का use करती है।

 

Advantage of Html in Hindi

 

  • Easy to learn and use 

  • Html free 

  • Html supported by all browsers

  • Search engin friendly

  • Lightweight

  • Html embedded  javascript and Php 

 

HTML Versions

HTML Versions के बारे में संक्षिप्त परिचय नीचे दिया गया है:

1. HTML 1.0

HTML का पहला Versions HTML 1.0 था। इसमें बहुत सीमित विशेषताएं थीं जो बहुत सीमित थीं जो आप अपने वेब पेजों को डिजाइन करने में कर सकते थे। HTML 1.0 यह  text controls और images को सपोर्ट करता था।

2. HTML 2

HTML 2.0 फिर आ गया और इसमें HTML 1.0 के सभी फीचर्स और वेब पेज डिजाइन के लिए कई नई सुविधाएँ शामिल की गईं। जनवरी, 1997 तक, HTML 2.0 वेब पेज डिजाइन में मानक था।

3. HTML 3.2

इसे 1997 में विकसित किया गया था। HTML 2.0 विकसित होने के बाद, HTML का अगला Versions 3.2 था HTML के version 3.2 के साथ, HTML टैग्स में और सुधार किया गया। यह ध्यान देने योग्य है कि W3C standard maintenance के कारण, HTML का नया version 3 के बजाय 3.2 था।

4. HTML 4.01

इसे 1999 में विकसित किया गया था। इसने कैस्केडिंग स्टाइल शीट का समर्थन बढ़ाया। 3.2 संस्करण में, सीएसएस HTML पेज में ही एम्बेडेड थे। इसलिए, यदि वेबसाइट में प्रत्येक पेज की style पर लागू करने के लिए विभिन्न वेब पेज हैं, तो हमें प्रत्येक वेब पेज पर CSS रखना होगा। इसलिए सीएसएस के उसी ब्लॉक का दोहराव था।

5. HTML5

यह HTML का नवीनतम संस्करण है। एक डेवलपर के लिए, इसका उपयोग 2014 में किया जा सकता है।

HTML5 ने विभिन्न प्रकार के इनपुट element एस जैसे नए फॉर्म elements के लिए सपोर्ट प्रदान करता है।

 

#आप आसानी से ऑनलाइन HTML सीखें

इंटरनेट पर बहुत अच्छे साइट मौजूद है. जो एचटीएचएल की फ्री ट्रैनिंग दे रहें है.

HTML हमें क्यों सीखना चाहिए।

जैसे हम सभी जानते है कि ये world पूरा इंटरनेट से घिरा हुआ है और यह एक digital world बन चुका है। और अगर हमें वेब की दुनिया में आना है तो html की basic तो आनी ही चाहिए। आजकल हर कोई खुद का website या brand बनाना चाहते है। और बनाना भी चाहिए। क्योंकि एक वेबसाइट का मतलब ही है उसकी एक अलग पहचान। और किसी भी वेबसाइट बनाने के लिए html एक basic structure है। Html एक ऐसी भाषा है जिससे हम एक पेज को designs कर सकते हैं और css और javascript की मदद से और भी attractive बना सकते है।  बिना html के एक वेबसाइट तैयार करना मुश्किल है।

आपके मन में ये भी सवाल उठ रहा होगा कि क्या हमें html सीखना चाहिए? 

जी हां html जरूर सीखना चाहिए। क्योंकि किसी भी वेबसाइट को बनाने का basic structure ही html है। html और css की मदद  से हम एक सुंदर और आकर्षित वेबसाइट तो बना ही सकते है लेकिन इसका uses और भी कई जगह पर होते है।

 

 

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